ऊर्जा

ईंधन और उद्योग में तेल का महत्व इसे दुनिया की सबसे आवश्यक वस्तुओं में से एक बनाता है। कई आर्थिक और राजनीतिक कारणों से तेल की आपूर्ति और मांग में लगातार उतार चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन इससे ट्रेडर्स को ऑइल ट्रेडिंग से मुनाफा कमाने का मौका मिलता हैं। रॉयल केपिटल मार्केट तेल और प्राकृतिक गैस मार्केट में ट्रेडिंग की सुविधा प्रदान करता है। इसमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऊर्जा CFD इन्स्ट्रुमेंट जैसे UK ऑयल और US ऑयल भी शामिल हैं। तेल और प्राकृतिक गैस प्रोडक्ट्स दोनों प्रकार के अकाउंट्स से ट्रेड कर सकते हैं।

अकाउंट प्रकार की तुलना करें

ROYAL MiniECN

प्रारंभिक डिपॉज़िट: $10

अकाउंट करेंसी: USD, EUR, GBP, BTC, XRP, ETH

स्प्रेड फ्लोट कर रहा है: 1.4 pip

लेवरेज 1000:1 तक

कमीशन: कोई नहीं

ट्रेड: 0.001 लॉट से

प्लेटफॉर्म: MetaTrader5

ROYAL ECN

प्रारंभिक डिपॉज़िट: $ 2000

अकाउंट करेंसी: USD, EUR, GBP, BTC, XRP, ETH

0.0 स्प्रेड फ्लोट कर रहा है: 0.0 pip

लेवरेज 500:1 तक

कमीशन: $ 5 प्रति लॉट

ट्रेड: 0.01 पार्टी लॉट से

प्लेटफॉर्म: MetaTrader5

ऊर्जा संसाधनों में निवेश
क्या आप विश्व अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय ट्रेडिंग से मोहित हैं? क्या कभी सोचा है कि ईंधन की कीमतें इतनी बार और तेजी से क्यों बदलती हैं? क्या आप उन फ़ैक्टर्स को जानना चाहेंगे जो अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा कमोडिटी मार्केट्स पर परिस्थितियों को सबसे बड़ी सीमा तक निर्धारित करते हैं? क्या कभी सोचा है कि कौन सा कच्चा माल निवेशकों के बीच सबसे अधिक वांछनीय और लोकप्रिय है? आपको बिल्कुल पता नहीं है कि यह सब कैसे काम करता है? क्या आप इस क्षेत्र में अपना ज्ञान बढ़ाना चाहेंगे? क्या आप सिद्ध और विश्वसनीय जानकारी की तलाश में हैं? क्या आप चाहते हैं कि संदेश स्पष्ट और समझने योग्य हो, आम आदमी के लिए भी? यदि हां, तो आप सही जगह पर हैं!
ऊर्जा संसाधन मार्केट के विशेषता
इस पाठ की शुरुआत में, यह जल्दी और आसानी से समझाने लायक है कि ऊर्जा संसाधन वास्तव में क्या हैं। बेशक, ये वह कच्चे माल हैं जिनसे हम उपयुक्त रासायनिक या भौतिक प्रोसेसिंग के बाद ऊर्जा प्राप्त करने में सक्षम हॉते हैं। इसलिए, निम्नलिखित पदार्थों को उनमें शामिल किया जाना चाहिए: प्राकृतिक गैस, तेल और कोयला। बेशक, इनमें से प्रत्येक कच्चा माल एक प्राकृतिक संसाधन है, जो हमारे ग्रह पर सीमित मात्रा में है। यह जानना जरूरी है कि इन पदार्थों का सबसे बड़ा भंडार कहाँ स्थित है। जहां तक ​​तेल का संबंध है, इसके उत्पादन में तीन देश सबसे आगे हैं: सऊदी अरब, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस। प्राकृतिक गैस के मामले में, इसका उत्पादन करने वाले तीन देश रूस, अमेरिका और कनाडा हैं। जहां तक ​​कोयले का सवाल है, सबसे बड़ी डिपॉज़िट राशि चीन, रूस और अमेरिका में पाए जाते हैं। इस प्रकार ऊर्जा संसाधनों का मार्केट केवल ऊपर बताई गई शक्तियों के अनुसार आकार लेता है। संक्षेप में, हम कह सकते हैं कि यह उनके आंतरिक झगड़ों और संघर्षों पर निर्भर करता है कि हम किस कीमत पर इन कच्चे माल से बने सामान खरीद पाएंगे।
निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय ऊर्जा संसाधन
जहां तक ​​ऊर्जा संसाधनों में ट्रेडिंग का सवाल है, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस अब तक निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय हैं। इसकी वजह बहुत साफ है: इन कच्चे माल से ही दुनिया में सबसे ज्यादा मांगे जाने वाले पदार्थ बनते हैं – उदाहरण के लिए, कारों और विमानों के लिए ईंधन।
ऊर्जा संसाधनों की कीमत किस पर निर्भर करती है?
“ऊर्जा संसाधनों की कीमत बार-बार और बड़े बदलावों के साथ बदलती रही हैं। यह बदलाव वह कार ड्राइवर अससनी से महसूस कर लेते है जो नियमित रूप से ईंधन भरते हैं। ऐसा अक्सर होता है कि ईंधन की कीमत दिन-प्रतिदिन बदलती रहती है। बेशक, भू-राजनैतिक परिस्थितियों का इसपर बहुत गहरा असर पड़ता है – संक्षेप में, सब कुछ रूस, अमेरिका और अरब देशों में राजनीतिक परिस्थिति पर निर्भर करता है। इन शक्तियों के बीच तनाव जितना अधिक होगा, कच्चा माल उतना ही महंगा या सस्ता होगा।
एक देश के कच्चे माल की मांग और वहाँ की प्राकृतिक परिस्थिति निस्संदेह ही एक बहुत बड़ा फैक्टर है। यदि कहीं पर अचानक तबाही या प्राकृतिक आपदाएं, जैसे बाढ़ या सूखा पड़ता है, तो कच्चे माल की कीमतों में तेजी से बदलाव होता है। एक अच्छा उदाहरण है अंतर्राष्ट्रीय कोरोना वायरस महामारी के वजह से भविष्य में ईंधन की कीमतें कैसे प्रभावित होंगी।”